पी. एम. श्री केन्द्रीय विद्यालय मुरादनगर
Activity- Story Hours
Under Reading Promotion Week July 2026
पी. एम. श्री केन्द्रीय विद्यालय मुरादनगर
Activity- Picture Story
Under Reading Promotion Week July 2026
कहानी का सार
एक बार एक किसान और उसका बेटा
अपने गधे को बेचने बाज़ार जा रहे थे। रास्ते में उन्हें जो भी मिलता, वह उनके काम-काज पर ताने मारता या सलाह देता
1.
सब पैदल चले: जब बाप-बेटा गधे को साथ लेकर पैदल चल रहे थे, तो लोगों ने उन्हें मूर्ख कहा कि गधा खाली जा रहा है
और वे पैदल चल रहे हैं। यह सुनकर किसान ने बेटे को गधे पर बिठा दिया।
2.
बेटा बैठा, बाप चला: कुछ दूर आगे जाने पर लोगों ने बेटे को 'कामचोर' और
पिता को 'बेचारा' कहा। तब लड़का उतर गया और पिता गधे पर बैठ गया।
3.
बाप बैठा, बेटा चला: आगे मिलने वाले राहगीरों ने पिता को स्वार्थी और
जालिम कहा जो खुद बैठा है और छोटे बच्चे को पैदल चला रहा है। इसके बाद दोनों
बाप-बेटे एक साथ गधे पर बैठ गए।
4.
दोनों बैठे: कुछ लोगों ने चिल्लाकर कहा कि तुम दोनों हट्टे-कट्टे
इस बेचारे जानवर की जान ले लोगे, उस
पर इतना बोझ क्यों डाल रहे हो!
5.
गधे को टाँग कर ले जाना: हार-थाक कर किसान और उसके बेटे ने गधे के पैर बाँधे, उसे एक डंडे से लटकाया और अपने कंधों पर उठा लिया।
नदी पार करते समय यह नज़ारा देख कर लोग हँसने लगे। गधा घबरा गया और छटपटाकर नदी
में गिर गया।
इस प्रकार, सबकी सलाह मानने और हर किसी को खुश करने के चक्कर
में उन्होंने अपना गधा भी खो दिया।
.jpg)

.jpeg)
.jpeg)

.jpeg)

.jpeg)



.jpeg)
.jpeg)

.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

.jpeg)

.jpeg)
.jpeg)



.jpeg)

.jpeg)
.jpeg)

No comments:
Post a Comment